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Pregnancy 35th Week में कबà¥â€à¤œ, नकसीर और गैस जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखेंगें
आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का हर दिन वजन बढ़ रहा है और जनà¥â€à¤® के समय तक बढ़ता रहेगा। बचà¥â€à¤šà¥‡ के पैदा होने तक आराम कीजिठऔर खà¥à¤¦ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार कीजिà¤à¥¤
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ से मिलने में अब जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय बाकी नहीं बचा है। अà¤à¥€ आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठकोई पà¥â€à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ सा नाम सोच सकती हैं। हालांकि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की थकान अà¤à¥€ à¤à¥€ बनी रहेगी।
35 Week Pregnancy में आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन हर दिन 30 गà¥à¤°à¤¾à¤® बढ़ रहा है। जैसे-जैसे बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन बढ़ रहा है वैसे-वैसे उसे घेरने वाला à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होता जाà¤à¤—ा। इसके साथ आपकी दिकà¥â€à¤•तें à¤à¥€ बढ़ेंगी। जानिठकà¥â€à¤¯à¤¾ होंगे आपके और बचà¥â€à¤šà¥‡ के इस हफà¥à¤¤à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के शरीर में बदलाव
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से मिलà¥â€à¤• लीक हो सकता है। इसे कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहते हैं। वजन à¤à¥€ बढ़ेगा। थकान के कारण आपको काम करने में दिकà¥â€à¤•त होगी, वहीं पेट बढ़ने की वजह से à¤à¥€ आप काम नहीं कर पाà¤à¤‚गीं।
करीना कपूर की तरह सेकंड पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में रहता है पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का खतरा
यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में ही होती है लेकिन कà¥à¤› मामलों में डिलीवरी के बाद à¤à¥€ हो सकती है। इसकी वजह से हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हो जाता है और कोई अंग फेल à¤à¥€ हो सकता है।
यह आमतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 20वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद होता है और उन महिलाओं को à¤à¥€ हो सकता है जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से पहले हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° न हà¥à¤† हो। इसके कारण मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों के लिठजानलेवा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पैदा हो सकती हैं।
यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को अपनी पहली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ हà¥à¤† हो तो दूसरी बार में इसका खतरा बढ़ जाता है। पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के किस महीने में आपको हाई बीपी की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤® हà¥à¤ˆ थी और उस समय इसकी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ पर ही सेकंड पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जोखिम का पता चलता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से पहले निमà¥â€à¤¨ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने या पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ होने से इसका खतरा बढ़ जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ से पहले हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या किडनी डिजीज होना।पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ या हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की फैमिली हिसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€ होना।20 से कम या 40 से अधिक उमà¥à¤° में मां बनना।जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या दो से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ होना।दो बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में 10 साल से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अंतर होना।
दूसरी बार में à¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ वैसे ही होते हैं जैसे पहली बार में सामने आते हैं। इसमें सिरदरà¥à¤¦, आंखों से धà¥à¤‚धला दिखाई देना, उलà¥â€à¤Ÿà¥€ या मतली, पेट दरà¥à¤¦, सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त, पेशाब कब आना और चेहरे पर सूजन।
इसकी जांच के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और खून à¤à¤µà¤‚ पेशाब की जांच करते हैं।
अगर आपको दूसरी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ हो जाता है तो मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को नियमित मॉनिटर किया जाता है। टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट इस बीमारी को बढ़ने से रोकने पर फोकस होती है और जब तक शिशॠगरà¥à¤ में पूरी तरह से विकसित नहीं हो जाता है तब तक डिलीवरी को टालने की कोशिश की जाती है।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ की सेहत को मॉनिटर करते हैं। कà¥à¤› टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट या मॉनिटरिंग के लिठअसà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ à¤à¥€ करवाना पड़ सकता है। यह बीमारी की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾, शिशॠकी जेसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² उमà¥à¤° और डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह पर निरà¥à¤à¤° करता है।
इसमें बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने, शिशॠके फेफड़ों को पूरी तरह से विकसित करने के लिठकोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡, दौरे रोकने के लिठदवाà¤à¤‚ दी जा सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बीपी नियमित चेक करवाते रहें।
आपके बचà¥â€à¤šà¥‡ का विकास
आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ इस समय 17 या 18 इंच लंबाई का होगा। उसका वजन à¤à¥€ लगà¤à¤— 2.5 किलो के आसपास हो गया होगा। उसका वजन जनà¥â€à¤® तक बढ़ता रहेगा, मतलब आपका दà¥à¤¬à¤²à¤¾-पतला बचà¥â€à¤šà¤¾ अब अपने लिठफैट इकटà¥à¤ ा कर रहा है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 35वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£
इस समय बढ़ता वजन आपके दैनिक कामकाज और दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बाधा डालने लगा होगा। लेकिन यह सà¥â€à¤µà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है वैसे à¤à¥€ अब कà¥à¤› ही हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की बात है। आपके सामानà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ पहले जैसे ही हैं:
सांस लेने में समसà¥â€à¤¯à¤¾ : जैसे बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार बढ़ता है आपके फेफड़ों पर दबाव बढ़ता जाता है। इसीलिठआपको सांस लेने में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत करनी पड़ रही है।
पैरों में कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥â€à¤ªà¥â€à¤¸ पड़ना या à¤à¤‚ठन : पैरों में कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥â€à¤ªà¥â€à¤¸ का सीधा सा हल है पानी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚। खाली पानी पीने की जगह शिकंजी, नारियल पानी या फà¥à¤°à¥‚ट जूस पिà¤à¤‚।
थकान के साथ चकà¥â€à¤•र आना : आपको थकान के साथ चकà¥â€à¤•र आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो रही होगी। असल में गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ वाला हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ आपकी खून की नलियों को चौड़ा कर देता है। आने वाले समय में आपके शरीर में सामानà¥â€à¤¯ अवसà¥â€à¤¥à¤¾ से लगà¤à¤— 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ खून जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा। शरीर को इस नई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤•ूल बनने में कà¥à¤› समय लगेगा।
कबà¥â€à¤œ और बवासीर : बढ़ते वजन, आयरन की गोलियों के असर की वजह से अगर आपकी कबà¥â€à¤œ बढ़ जाठतो यह बवासीर में बदल सकती है। अà¤à¥€ à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाठतो इनसे खून बहने लगता है। इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है। इसलिठशà¥à¤°à¥‚ से ही फाइबर वाले फल-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खानी चाहिठऔर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ जरूरी हो तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यह à¤à¥€ पढ़ें : कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना चाहिà¤?
नाक से खून : शरीर में खून की अधिकता से आपका बीपी थोड़ा बढ़ जाता है। इस वजह से आपकी नाक की बारीक धमनियां कà¤à¥€-कà¤à¥€ फट जाती हैं और थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खून की बूंदें निकलने लगती हैं। à¤à¤¸à¤¾ हो तो सिर ऊपर करके बैठजाà¤à¤‚, घबराà¤à¤‚ नहीं। धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि सिर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीछे न करें वरना खून गले में जाने लगेगा। नाक पर बरà¥à¤« लगा सकते हैं। पेट उठने वाले मरोड़ों, वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और बचà¥â€à¤šà¥‡ के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाठरखिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को सेहतमंद रखेगा परिवृत जानà¥à¤¶à¥€à¤°à¥à¤·à¤¾à¤¸à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाà¤à¤‚ इस समय कà¥â€à¤¯à¤¾ करें
इस सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेना आपके लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहें और जब à¤à¥€ हो सके पैदल चलें। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में वॉक बहà¥à¤¤ फायदेमंद होती है। इस समय आप अपना हॉसà¥â€à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² बैग तैयार कर सकती हैं। अब आपका रिलैकà¥â€à¤¸ और खà¥à¤¦ का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखने का समय है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी मसाज ले सकती हैं।
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